
लो बड़कागाँव में आ गया एक और नया कोल ब्लॉक N.T.P.C. चट्टी बारियातु दक्षिण कोल खनन परियोजना
यह कर्णपुरा क्षेत्र के लोगों का दुर्भाग्य कहा जाय या फिर कुछ और। बड़कागाँव और केरेडारी प्रखण्ड में N.T.P.C. के पाँच कोल खनन परियोजनाएँ अभी इस क्षेत्र में संचालित हैं। अभी तक जितने भी कोल ब्लॉक इस क्षेत्र में आवण्टित किये गये, उसमें पर्याप्त कोयले का भण्डार हैं, जिसमें कम्पनी सघन रुप से कोयले की उत्पादन कर हीं नहीं पा रही है। पकरी बरवाडीह कोल खनन परियोजना इसका उदाहरण है। यहाँ अभी बहुत सारे अधिगृहित जमीन पर N.T.P.C. काम शुरु भी नहीं की है। दूसरी ओर जिनके जमीन पर कोल खनन प्रारम्भ किया गया, उनके लोगों का जीवन स्तर पर यदि गौर करेंगे तो आप पायेंगे कि वे आज भी रोजगार और मुवावजा के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर मजबुर हैं। इसके बाद भी इस क्षेत्र में नये नये कोल ब्लॉक का आवण्टन किसी फिल्मी कहानी की तरह लगती है।
मननीय सांसद हजारीबाग ने लोक सभा में यह प्रश्न उठाया था तथा केन्द्र सरकार से यह अनुरोध किया गया था कि अब बड़कागाँव करेडारी क्षेत्र में कृषि योग्य जमीन का कोल खनन कार्य के लिए अधिग्रहण नहीं किया जाय। इसके बाद भी नई परियोजना चट्टी बारियातु दक्षिण कोल खनन परियोजना का नोटिफिकेशन केन्द्र सरकार के द्वारा कर दिया गया। इस परियोजना में कुल 11 गाँवों की लगभग 1839.14 एकड़ खेती वाली जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। यहाँ यह बतलाना दिलचस्प होगा कि 2008 में हीं चट्टी बारियातु कोल खनन परियोजना का नोटिफिकेशन किया गया था, इसमें किसानों की जमीन कोल खनन के लिए जबरदस्ती ले ली गयी। कोयले की खनन भी शुरु कर दी गयी, लेकिन अब तक किसानों को उक्त जमीन की मुववाजा प्राप्त नहीं हो सकी।


