बड़कागांव को जानना और समझना क्यों जरूरी है!
The Panchayat News के माध्यम से इसके ऐतिहासिक और समसामयिक महत्व तथा यहां के लोगों की जीवनशैली के बारे में कुछ जानकारियां क्रमवार प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रह है। आशा है, पाठकों और शुभचिंतकों का प्यार और सहयोग हमें मिलता रहेगा रहेगा।हम प्रारम्भ करते हैं बौद्ध कालीन धरोहरों से लेकर पकरी बरवाडीह के मेगालिथ साईट से जहां सुर्योदय की बारीकियों का हमारे पुर्वज अध्ययन किया करते थे। इस्को गुफा, जो नापोकला पंचायत क्षेत्र में पड़ता है, इसके ऐतिहासिक और प्राचीन काल के जीवनशैली का अध्ययन करेंगे। हम अंगों पंचायत अंतर्गत बरसोपानी के रहस्यों का अध्ययन करेंगे। हमें यह अवश्य याद रखना चाहिए महुदी पहाड़ की अबुझ तिलस्मी कथाओं को। प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में यदि देखा जाए तो यह क्षेत्र संभवतः मानवीय सभ्यता का केंद्र स्थल रहा है। परत दर परत विलुप्त हो रही धरोहरों और उसके बारीकियों का अध्ययन आवश्यक है। हमें यह जरूर जानना चाहिए कि तबके बड़कागांव और अबके बड़कागांव में क्या फर्क पड़ा है। हमारी जीवनशैली कितनी प्रभावित हुईं हैं। हम पहले कैसे थे, और अभी कैसे हैं। हमने क्या खोया है और क्या पाया है। समय समय पर इसी कड़ी में पाठकों और शुभचिंतकों के अपेक्षित सुझाव और मार्गदर्शन का हमें इंतजार रहेगा।
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